- Sung by
- Ma Amrit Priya
- Written by
- Sw Anand Siddharth
- Album
- Jabse Dekha TuNe Osho (2018)
- Length
- 9:13
जबसे देखा तू ने ओशो मैं निहाल हो गया
पाकर नाम खजाना तुझसे मालामाल हो गया
गीता वेद किताबां पढ़कर कुछ भी समझ न आया
जो भी फंसा शरीयत में बेहाल हो गया
पीर औलिया तीर्थंकर पैगंबर कितने आए
लेकिन उनका मजहब ही जंजाल हो गया
ज़िन्दा पीर से हो जाते ज़िन्दा सारे पैगंबर
नानक बुद्ध नबी का तू मिसाल हो गया
मज्हबियत का जाम पिलाती ओशो की मधुशाला
मजहब मजहब रहा नहीं चौपाल हो गया
तू है कामिल ‘मुर्शिद’ तू है मेरा रहनुमा
मैं तेरे मानसरोवर का मराल हो गया
