← Swami Gyan Avinash
1:00
तुम परमात्मा हो सकते हो।
18 Nov 2025
0:58
प्रेमी खोए तो प्रेम
15 Nov 2025
18:36
संसार ही असली पाठशाला है।
14 Nov 2025
1:00
कपड़ों में मत उलझ जाना
12 Nov 2025
13:56
परिवार जन की मृत्यु कुछ अंशों में तुम्हारी भी मृत्यु है।
11 Nov 2025
1:00
मै नहीं हूं की घोषणा है। श्रद्धा।
09 Nov 2025
19:21
मन दोनों तरफ से खेलता है।
07 Nov 2025
4:49
Sanyas Utsav ( Daluwala, Haridwar, UK. )
05 Nov 2025
12:44
मन की पीड़ा से तो गुजरना पड़ेगा।
04 Nov 2025
14:57
अपना असली चेहरा पहचान लो।
31 Oct 2025
1:00
नच ले रे नच ले
30 Oct 2025
16:31
जब तक भविष्य है तब तक चिंता है।
28 Oct 2025
27:25
पूर्ण और शून्य एक ही घटना है। अद्वैत।
25 Oct 2025
22:16
तुम बिना किसी प्रतिक्रिया के इस पल में रुक जाओ। ठहर जाओ। पर्याप्त है।
24 Oct 2025
12:03
यहां कुछ भी संपूर्ण ठीक या संपूर्ण गलत नहीं है।
21 Oct 2025
14:25
देखने की कला।
17 Oct 2025
20:43
संसार की पकड़ से कैसे निकले ?
14 Oct 2025
13:34
प्रीति महंगा सौदा है। समझ कर लगाना।
10 Oct 2025
8:09
जब से आपके पास होकर आई हु। तब से किसी भी सहारे की आवश्यकता नहीं है।
06 Oct 2025
4:37
आपके साथ तो मेरा जन्म जन्म का रिश्ता है। कब मिलन होंगा।
04 Oct 2025
7:51
आखि़र मैं तो तुम्हें छोड़ना ही है।
01 Oct 2025
43:49
समर्पण करना है। बताना क्या है?
28 Sep 2025
19:01
कुछ भी घटना होती हैं तो उसमें गुरु का क्या रोल है?
25 Sep 2025
19:28
जब तुम ठीक से समर्पित होते हो वह बाढ़ की तरह आता हैं। बस शरीर से भी तैयार हो जाओ। यही साधना है।
22 Sep 2025
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Question / Answer 939ALL LIVE SATSANG OF SW.GYAN AVINASH 451Celebration 194Sanyash 135Meditation 98Meditation live 29Adhyatma Saral Sabdon Main 22
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प्रेमी खोए तो प्रेम
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संसार ही असली पाठशाला है।
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कपड़ों में मत उलझ जाना
12 Nov 2025
13:56
परिवार जन की मृत्यु कुछ अंशों में तुम्हारी भी मृत्यु है।
11 Nov 2025
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मै नहीं हूं की घोषणा है। श्रद्धा।
09 Nov 2025
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मन दोनों तरफ से खेलता है।
07 Nov 2025
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Sanyas Utsav ( Daluwala, Haridwar, UK. )
05 Nov 2025
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मन की पीड़ा से तो गुजरना पड़ेगा।
04 Nov 2025
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अपना असली चेहरा पहचान लो।
31 Oct 2025
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नच ले रे नच ले
30 Oct 2025
16:31
जब तक भविष्य है तब तक चिंता है।
28 Oct 2025
27:25
पूर्ण और शून्य एक ही घटना है। अद्वैत।
25 Oct 2025
22:16
तुम बिना किसी प्रतिक्रिया के इस पल में रुक जाओ। ठहर जाओ। पर्याप्त है।
24 Oct 2025
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यहां कुछ भी संपूर्ण ठीक या संपूर्ण गलत नहीं है।
21 Oct 2025
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देखने की कला।
17 Oct 2025
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संसार की पकड़ से कैसे निकले ?
14 Oct 2025
13:34
प्रीति महंगा सौदा है। समझ कर लगाना।
10 Oct 2025
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जब से आपके पास होकर आई हु। तब से किसी भी सहारे की आवश्यकता नहीं है।
06 Oct 2025
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आपके साथ तो मेरा जन्म जन्म का रिश्ता है। कब मिलन होंगा।
04 Oct 2025
7:51
आखि़र मैं तो तुम्हें छोड़ना ही है।
01 Oct 2025
43:49
समर्पण करना है। बताना क्या है?
28 Sep 2025
19:01
कुछ भी घटना होती हैं तो उसमें गुरु का क्या रोल है?
25 Sep 2025
19:28
जब तुम ठीक से समर्पित होते हो वह बाढ़ की तरह आता हैं। बस शरीर से भी तैयार हो जाओ। यही साधना है।
22 Sep 2025