← Swami Gyan Avinash
5:46
तुम कोई भी विधि करो, उसे जारी रखना जरूरी है।
09 Jan 2026
7:40
Odisha Satsang
07 Jan 2026
18:17
भागो मत जागो
06 Jan 2026
8:21
Odisha Sanyas Celebration ( Ma Malti's Farm house
03 Jan 2026
35:48
कभी भी दो विधियों को मिक्स मत करना।
02 Jan 2026
34:19
तुम्हारे अहंकार पर जो चोट करता हैं, वही तुम्हारा काम कर रहा हैं।
30 Dec 2025
16:18
यहां तुम्हारे मन की नहीं चलेंगी।
26 Dec 2025
22:12
ध्यान अकर्ता होने की कला है।
23 Dec 2025
1:00
विश्राम आता ही तब है जब बाहर और भीतर की दौड़ से तुम मुक्त हो जाओ।
21 Dec 2025
32:09
अध्यात्म हैं, निशब्द की भाषा।
19 Dec 2025
11:42
सारे बुद्ध की करुणा एक ही है। तुम भी मेरे जैसे हो जाओ।
16 Dec 2025
1:00
यहां जीत असंभव है।
13 Dec 2025
15:14
मुझे लगता हैं की आप बहुत ही झूठ बोल रहे हैं।
12 Dec 2025
24:22
या तो मन हैं या नहीं है।
09 Dec 2025
0:58
स्वभाव से तुम वहीं हो।
07 Dec 2025
13:39
सारे सपने तुम्हारे मन की ही ऊपज हैं।
05 Dec 2025
0:59
ध्यानी को अब शान्ति की मांग बेचैन करती हैं।
04 Dec 2025
12:27
प्रेम गली अति सकरी ।
02 Dec 2025
1:01
अनुभव से भी मुक्ति
30 Nov 2025
1:00
बस भरोसे की कमी है।
26 Nov 2025
0:58
शब्दों के अर्थ तुम्हारे अपने हैं।
25 Nov 2025
18:55
तुम्हारे सारे आश्रम खंडहर बन जाएंगे। दो दिन की जिंदगी है दो दिन का मेला है।
25 Nov 2025
1:00
इसलिए ध्यानी ओ पर सबसे अधिक काम करना पड़ता हैं।
22 Nov 2025
13:44
स्वभाव को खोने का कोई उपाय ही नहीं है।
21 Nov 2025
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Question / Answer 939ALL LIVE SATSANG OF SW.GYAN AVINASH 451Celebration 194Sanyash 135Meditation 98Meditation live 29Adhyatma Saral Sabdon Main 22
5:46
तुम कोई भी विधि करो, उसे जारी रखना जरूरी है।
09 Jan 2026
7:40
Odisha Satsang
07 Jan 2026
18:17
भागो मत जागो
06 Jan 2026
8:21
Odisha Sanyas Celebration ( Ma Malti's Farm house
03 Jan 2026
35:48
कभी भी दो विधियों को मिक्स मत करना।
02 Jan 2026
34:19
तुम्हारे अहंकार पर जो चोट करता हैं, वही तुम्हारा काम कर रहा हैं।
30 Dec 2025
16:18
यहां तुम्हारे मन की नहीं चलेंगी।
26 Dec 2025
22:12
ध्यान अकर्ता होने की कला है।
23 Dec 2025
1:00
विश्राम आता ही तब है जब बाहर और भीतर की दौड़ से तुम मुक्त हो जाओ।
21 Dec 2025
32:09
अध्यात्म हैं, निशब्द की भाषा।
19 Dec 2025
11:42
सारे बुद्ध की करुणा एक ही है। तुम भी मेरे जैसे हो जाओ।
16 Dec 2025
1:00
यहां जीत असंभव है।
13 Dec 2025
15:14
मुझे लगता हैं की आप बहुत ही झूठ बोल रहे हैं।
12 Dec 2025
24:22
या तो मन हैं या नहीं है।
09 Dec 2025
0:58
स्वभाव से तुम वहीं हो।
07 Dec 2025
13:39
सारे सपने तुम्हारे मन की ही ऊपज हैं।
05 Dec 2025
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ध्यानी को अब शान्ति की मांग बेचैन करती हैं।
04 Dec 2025
12:27
प्रेम गली अति सकरी ।
02 Dec 2025
1:01
अनुभव से भी मुक्ति
30 Nov 2025
1:00
बस भरोसे की कमी है।
26 Nov 2025
0:58
शब्दों के अर्थ तुम्हारे अपने हैं।
25 Nov 2025
18:55
तुम्हारे सारे आश्रम खंडहर बन जाएंगे। दो दिन की जिंदगी है दो दिन का मेला है।
25 Nov 2025
1:00
इसलिए ध्यानी ओ पर सबसे अधिक काम करना पड़ता हैं।
22 Nov 2025
13:44
स्वभाव को खोने का कोई उपाय ही नहीं है।
21 Nov 2025