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Osho

गुरु गोविंद है

Guru Govind Hai

Sung by Ma Amrit Priya · words by Ma Amrit Priya · full lyrics

Sung by
Ma Amrit Priya
Written by
Ma Amrit Priya
Album
Guru Purnima 2026 (2026)
Length
8:51
Lyrics

ओम जय गुरुवै ओशो नमः

ओम जय गुरुवै ओशो नमः

गुरु गोविंद है, गुरु गोविंद है।

गुरु गोविंद है, गुरु गोविंद है।

बूंद तो है सागर की लेकिन सागर के मानिंद है।

गुरु गोविंद है, गुरु गोविंद है।

गुरु गोविंद है, गुरु गोविंद है।

ओम जय गुरुवै ओशो नमः

ओम जय गुरुवै ओशो नमः

ओम जय गुरुवै ओशो नमः

ओम जय गुरुवै ओशो नमः

चाहे हो वो घट के अंदर चाहे हो वो घट के अंदर

छोटा सा टुकड़ा अंबर का आखिर कहलाता है अंबर

देह के भीतर का अंबर भी अंबर के मानिंद है।

देह के घर पत्थर के घर में, चैन कहां आराम कहां है

दौड़ो मत, ओंकार में ठहरो, सृष्टि का विश्राम यहां है

और कहां कोई घर जग में, इस घर के मानिंद है

भूत-भविष्य की चिंता छोड़ो, वर्तमान से नाता जोड़ो

सुख की आशा दुख की आशा, झूठी यह मृगतृष्णा छोड़ो

मन का कारागृह बन जाता पत्थर के मानिंद है।

वो जीवन भर रहता घेरे, साथ साथ करता है फेरे

थाम लिया है उसने अब तो, याद करूं क्या सांझ-सवेरे

सर्व प्रकाशक आत्म-गगन की, चादर की मानिंद है।

गुरु आकाश, पार ब्रह्म है, गुरु नारायण चैतन्य है

नाद नूर अकाल पुरुष है, अमृत है इक महाशून्य है

अंतर का आकाश गुरु का, शंकर के मानिंद है।

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