← Swami Gyan Avinash
5:15
मांसाहार से मेरा ध्यान में जाना प्रभावित होता है क्या?
23 Oct 2021
5:58
तुम्हारे मिटते ही सारी बात बन जाती हैं।
23 Oct 2021
12:55
माता पिता और बच्चो के साथ ध्यान का समन्वय कैसे बनाए ?
22 Oct 2021
5:33
सम्मान की आकांक्षा वही कर्ता है जो भीतर से असम्मानित महसूस करते हैं।
21 Oct 2021
28:15
01/10/2021 Qus & Ans
20 Oct 2021
12:51
और भर लूं , बस यहीं संसार है। वह चाहे बाहर हो या भीतर हो।
20 Oct 2021
6:02
हम सब अपने को बचाने में लगे हैं, बचाना ही अपना दुख है।
20 Oct 2021
6:37
वर्तमान के क्षण में ठहरने के लिए हम क्या करें ?
19 Oct 2021
8:35
ध्यान के अनुभव को नई उपलब्धि मत मान लेना।
18 Oct 2021
29:00
SATSANG AT MUNGELI, CHATTISGARH
18 Oct 2021
8:11
हमारा जो मन है वह बचता है वर्तमान के क्षण से।
18 Oct 2021
1:23:06
LIVE 17/10/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
18 Oct 2021
17:14
तुम कुछ भी करो तुम असहज हो जाते हो। 30/09/2021
16 Oct 2021
8:11
मैंने तो मांगा मगर मिला नही।
16 Oct 2021
1:11:37
LIVE 14/10/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
15 Oct 2021
23:43
SATSANG AT MUNGELI, CHATTISGARH
14 Oct 2021
7:26
वह सहजता फिर से लौट आती है, फिर से बच्चे हो जाते हो।30/09/2021
13 Oct 2021
12:50
एक बुद्ध के साथ चलना क्या पहले से तय होता है?
12 Oct 2021
45:01
SATSANG AT SHIVIR MADANPUR, CHATTISGARH
12 Oct 2021
7:48
तुम्हारा ठीक से खोना ही पर्याप्त है, कैसे खोते हो वह गौण है।30/09/2021
12 Oct 2021
1:34:58
LIVE 10/10/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
11 Oct 2021
12:34
तुम ठीक से गड्ढा हो जाओ परमात्मा अपने से ही भर देगा। 30/09/2021
10 Oct 2021
7:37
मन एक सुंदर सेवक हैं मगर खतरनाक मालिक है।
10 Oct 2021
4:13
जीवित बुद्ध के करीब मन की मालकीयत खो जाती हैं इसलिए बैचनि बढ़ जाती हैं। 30/09/2021
08 Oct 2021
Videos
Playlists
All videos 1,742
Question / Answer 939ALL LIVE SATSANG OF SW.GYAN AVINASH 451Celebration 194Sanyash 135Meditation 98Meditation live 29Adhyatma Saral Sabdon Main 22
5:15
मांसाहार से मेरा ध्यान में जाना प्रभावित होता है क्या?
23 Oct 2021
5:58
तुम्हारे मिटते ही सारी बात बन जाती हैं।
23 Oct 2021
12:55
माता पिता और बच्चो के साथ ध्यान का समन्वय कैसे बनाए ?
22 Oct 2021
5:33
सम्मान की आकांक्षा वही कर्ता है जो भीतर से असम्मानित महसूस करते हैं।
21 Oct 2021
28:15
01/10/2021 Qus & Ans
20 Oct 2021
12:51
और भर लूं , बस यहीं संसार है। वह चाहे बाहर हो या भीतर हो।
20 Oct 2021
6:02
हम सब अपने को बचाने में लगे हैं, बचाना ही अपना दुख है।
20 Oct 2021
6:37
वर्तमान के क्षण में ठहरने के लिए हम क्या करें ?
19 Oct 2021
8:35
ध्यान के अनुभव को नई उपलब्धि मत मान लेना।
18 Oct 2021
29:00
SATSANG AT MUNGELI, CHATTISGARH
18 Oct 2021
8:11
हमारा जो मन है वह बचता है वर्तमान के क्षण से।
18 Oct 2021
1:23:06
LIVE 17/10/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
18 Oct 2021
17:14
तुम कुछ भी करो तुम असहज हो जाते हो। 30/09/2021
16 Oct 2021
8:11
मैंने तो मांगा मगर मिला नही।
16 Oct 2021
1:11:37
LIVE 14/10/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
15 Oct 2021
23:43
SATSANG AT MUNGELI, CHATTISGARH
14 Oct 2021
7:26
वह सहजता फिर से लौट आती है, फिर से बच्चे हो जाते हो।30/09/2021
13 Oct 2021
12:50
एक बुद्ध के साथ चलना क्या पहले से तय होता है?
12 Oct 2021
45:01
SATSANG AT SHIVIR MADANPUR, CHATTISGARH
12 Oct 2021
7:48
तुम्हारा ठीक से खोना ही पर्याप्त है, कैसे खोते हो वह गौण है।30/09/2021
12 Oct 2021
1:34:58
LIVE 10/10/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
11 Oct 2021
12:34
तुम ठीक से गड्ढा हो जाओ परमात्मा अपने से ही भर देगा। 30/09/2021
10 Oct 2021
7:37
मन एक सुंदर सेवक हैं मगर खतरनाक मालिक है।
10 Oct 2021
4:13
जीवित बुद्ध के करीब मन की मालकीयत खो जाती हैं इसलिए बैचनि बढ़ जाती हैं। 30/09/2021
08 Oct 2021