← Swami Gyan Avinash
9:46
सहज स्वीकृति आते ही चारो तरफ की शक्ति या सहायक हो जाती हैं।
16 Jan 2022
7:33
प्रेम के क्षण में शब्द भी बाधा बनता है।
15 Jan 2022
15:54
और स्त्री या मुझे बहुत आकर्षित करती है। क्या करू ?
14 Jan 2022
36:50
अब आपका गृहस्थ जीवन कैसा है, क्या अंतर है पहले और अभी मैं?
14 Jan 2022
1:24:04
LIVE 13/01/2022 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
14 Jan 2022
12:52
Qus Ans 03/12/2021
13 Jan 2022
7:16
गहन प्रतीक्षा ही मिलन का द्वार खोलती है।
12 Jan 2022
6:40
मैं अपने मैं का समर्पण किसके सामने करू समझ नहीं आता है?
10 Jan 2022
1:32:40
LIVE 09/01/2022 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
10 Jan 2022
1:14:55
LIVE 06/01/2022 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
07 Jan 2022
17:48
MEDITATION ( आनंद से भर जाओ )
06 Jan 2022
8:42
विधियों को करना भी है और उससे मुक्त भी हो जाना है ठीक से।
05 Jan 2022
11:59
एक अति चाहिए बदलाहट के लिए।
03 Jan 2022
1:09:51
LIVE 02/01/2022 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
03 Jan 2022
12:17
आनंद के पहले दुखी होना जरूरी है।
01 Jan 2022
1:20:40
LIVE 30/12/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
31 Dec 2021
3:13
समाधि घटित होने के बाद वहां से लौट आना संभव है क्या?
28 Dec 2021
31:56
रोज रोज ध्यान की गहरी आदत अचेतन का ही हिस्सा बन रही हैं।
27 Dec 2021
1:35:25
LIVE 26/12/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
27 Dec 2021
9:37
तुम्हारा सिर्फ देखना पर्याप्त है और ऊर्जा उर्धगामी हो जाती हैं।
26 Dec 2021
10:49
किसी जूठे गुरु के प्रति बहुत क्रोध आता है।
25 Dec 2021
8:20
हम प्रेम पूर्ण होते हुए भी सामने से प्रति उत्तर में ग्रीना और पीड़ा ही मिलती हैं ऐसा क्यू ?
24 Dec 2021
21:22
गुरु तुम्हें कर्ता से मुक्त कराते हैं, खाली करते हैं। फिर से अज्ञानी बनाते हैं।
23 Dec 2021
7:17
कोई भी चीज ध्यान में बाधा होती ही नहीं है बल्कि सहायक होती है।
22 Dec 2021
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Question / Answer 939ALL LIVE SATSANG OF SW.GYAN AVINASH 451Celebration 194Sanyash 135Meditation 98Meditation live 29Adhyatma Saral Sabdon Main 22
9:46
सहज स्वीकृति आते ही चारो तरफ की शक्ति या सहायक हो जाती हैं।
16 Jan 2022
7:33
प्रेम के क्षण में शब्द भी बाधा बनता है।
15 Jan 2022
15:54
और स्त्री या मुझे बहुत आकर्षित करती है। क्या करू ?
14 Jan 2022
36:50
अब आपका गृहस्थ जीवन कैसा है, क्या अंतर है पहले और अभी मैं?
14 Jan 2022
1:24:04
LIVE 13/01/2022 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
14 Jan 2022
12:52
Qus Ans 03/12/2021
13 Jan 2022
7:16
गहन प्रतीक्षा ही मिलन का द्वार खोलती है।
12 Jan 2022
6:40
मैं अपने मैं का समर्पण किसके सामने करू समझ नहीं आता है?
10 Jan 2022
1:32:40
LIVE 09/01/2022 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
10 Jan 2022
1:14:55
LIVE 06/01/2022 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
07 Jan 2022
17:48
MEDITATION ( आनंद से भर जाओ )
06 Jan 2022
8:42
विधियों को करना भी है और उससे मुक्त भी हो जाना है ठीक से।
05 Jan 2022
11:59
एक अति चाहिए बदलाहट के लिए।
03 Jan 2022
1:09:51
LIVE 02/01/2022 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
03 Jan 2022
12:17
आनंद के पहले दुखी होना जरूरी है।
01 Jan 2022
1:20:40
LIVE 30/12/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
31 Dec 2021
3:13
समाधि घटित होने के बाद वहां से लौट आना संभव है क्या?
28 Dec 2021
31:56
रोज रोज ध्यान की गहरी आदत अचेतन का ही हिस्सा बन रही हैं।
27 Dec 2021
1:35:25
LIVE 26/12/2021 SATSANG WITH SWAMI GYAN AVINASH
27 Dec 2021
9:37
तुम्हारा सिर्फ देखना पर्याप्त है और ऊर्जा उर्धगामी हो जाती हैं।
26 Dec 2021
10:49
किसी जूठे गुरु के प्रति बहुत क्रोध आता है।
25 Dec 2021
8:20
हम प्रेम पूर्ण होते हुए भी सामने से प्रति उत्तर में ग्रीना और पीड़ा ही मिलती हैं ऐसा क्यू ?
24 Dec 2021
21:22
गुरु तुम्हें कर्ता से मुक्त कराते हैं, खाली करते हैं। फिर से अज्ञानी बनाते हैं।
23 Dec 2021
7:17
कोई भी चीज ध्यान में बाधा होती ही नहीं है बल्कि सहायक होती है।
22 Dec 2021