← Swami Gyan Avinash
15:54
और स्त्री या मुझे बहुत आकर्षित करती है। क्या करू ?
14 Jan 2022
36:50
अब आपका गृहस्थ जीवन कैसा है, क्या अंतर है पहले और अभी मैं?
14 Jan 2022
12:52
Qus Ans 03/12/2021
13 Jan 2022
7:16
गहन प्रतीक्षा ही मिलन का द्वार खोलती है।
12 Jan 2022
6:40
मैं अपने मैं का समर्पण किसके सामने करू समझ नहीं आता है?
10 Jan 2022
17:48
MEDITATION ( आनंद से भर जाओ )
06 Jan 2022
8:42
विधियों को करना भी है और उससे मुक्त भी हो जाना है ठीक से।
05 Jan 2022
11:59
एक अति चाहिए बदलाहट के लिए।
03 Jan 2022
12:17
आनंद के पहले दुखी होना जरूरी है।
01 Jan 2022
3:13
समाधि घटित होने के बाद वहां से लौट आना संभव है क्या?
28 Dec 2021
31:56
रोज रोज ध्यान की गहरी आदत अचेतन का ही हिस्सा बन रही हैं।
27 Dec 2021
9:37
तुम्हारा सिर्फ देखना पर्याप्त है और ऊर्जा उर्धगामी हो जाती हैं।
26 Dec 2021
10:49
किसी जूठे गुरु के प्रति बहुत क्रोध आता है।
25 Dec 2021
8:20
हम प्रेम पूर्ण होते हुए भी सामने से प्रति उत्तर में ग्रीना और पीड़ा ही मिलती हैं ऐसा क्यू ?
24 Dec 2021
21:22
गुरु तुम्हें कर्ता से मुक्त कराते हैं, खाली करते हैं। फिर से अज्ञानी बनाते हैं।
23 Dec 2021
7:17
कोई भी चीज ध्यान में बाधा होती ही नहीं है बल्कि सहायक होती है।
22 Dec 2021
11:25
धन्यवाद ( ग्रेटीट्यूट ) के सम्बंध में कुछ प्रकाश डाले।
20 Dec 2021
9:45
पल पल हर पल बात सहज ही बन रही हैं, बस उसे ठीक से देख लो।
20 Dec 2021
6:49
शरीर मिलते ही स्वभाव समझना सहज और सरल हो जाता है, पृष्ठ भूमि मिल जाती है।
19 Dec 2021
13:58
ओशो ने कहा है कि जो भी करो पूरा 100% ही करना, मतलब क्या?
19 Dec 2021
11:43
तुम यात्रा करना चाहते हो, वरना मंजिल तो तुमने एक पल भी खोई नही है।
19 Dec 2021
16:56
बात तो सीधी और सरल है, बस तुम मानने को राजी हो जाओ। स्वीकार कर लो।
19 Dec 2021
5:49
लहर तो थी ही नहीं सिर्फ सागर ही है। बस यही जानना है, यही है साधना है।
19 Dec 2021
15:09
उत्तर होता ही नहीं है, हा प्रश्न करने वाला खो जाएंगा एक दिन।
18 Dec 2021
Question / Answer
Playlists
All videos 1,742
Question / Answer 939ALL LIVE SATSANG OF SW.GYAN AVINASH 451Celebration 194Sanyash 135Meditation 98Meditation live 29Adhyatma Saral Sabdon Main 22
15:54
और स्त्री या मुझे बहुत आकर्षित करती है। क्या करू ?
14 Jan 2022
36:50
अब आपका गृहस्थ जीवन कैसा है, क्या अंतर है पहले और अभी मैं?
14 Jan 2022
12:52
Qus Ans 03/12/2021
13 Jan 2022
7:16
गहन प्रतीक्षा ही मिलन का द्वार खोलती है।
12 Jan 2022
6:40
मैं अपने मैं का समर्पण किसके सामने करू समझ नहीं आता है?
10 Jan 2022
17:48
MEDITATION ( आनंद से भर जाओ )
06 Jan 2022
8:42
विधियों को करना भी है और उससे मुक्त भी हो जाना है ठीक से।
05 Jan 2022
11:59
एक अति चाहिए बदलाहट के लिए।
03 Jan 2022
12:17
आनंद के पहले दुखी होना जरूरी है।
01 Jan 2022
3:13
समाधि घटित होने के बाद वहां से लौट आना संभव है क्या?
28 Dec 2021
31:56
रोज रोज ध्यान की गहरी आदत अचेतन का ही हिस्सा बन रही हैं।
27 Dec 2021
9:37
तुम्हारा सिर्फ देखना पर्याप्त है और ऊर्जा उर्धगामी हो जाती हैं।
26 Dec 2021
10:49
किसी जूठे गुरु के प्रति बहुत क्रोध आता है।
25 Dec 2021
8:20
हम प्रेम पूर्ण होते हुए भी सामने से प्रति उत्तर में ग्रीना और पीड़ा ही मिलती हैं ऐसा क्यू ?
24 Dec 2021
21:22
गुरु तुम्हें कर्ता से मुक्त कराते हैं, खाली करते हैं। फिर से अज्ञानी बनाते हैं।
23 Dec 2021
7:17
कोई भी चीज ध्यान में बाधा होती ही नहीं है बल्कि सहायक होती है।
22 Dec 2021
11:25
धन्यवाद ( ग्रेटीट्यूट ) के सम्बंध में कुछ प्रकाश डाले।
20 Dec 2021
9:45
पल पल हर पल बात सहज ही बन रही हैं, बस उसे ठीक से देख लो।
20 Dec 2021
6:49
शरीर मिलते ही स्वभाव समझना सहज और सरल हो जाता है, पृष्ठ भूमि मिल जाती है।
19 Dec 2021
13:58
ओशो ने कहा है कि जो भी करो पूरा 100% ही करना, मतलब क्या?
19 Dec 2021
11:43
तुम यात्रा करना चाहते हो, वरना मंजिल तो तुमने एक पल भी खोई नही है।
19 Dec 2021
16:56
बात तो सीधी और सरल है, बस तुम मानने को राजी हो जाओ। स्वीकार कर लो।
19 Dec 2021
5:49
लहर तो थी ही नहीं सिर्फ सागर ही है। बस यही जानना है, यही है साधना है।
19 Dec 2021
15:09
उत्तर होता ही नहीं है, हा प्रश्न करने वाला खो जाएंगा एक दिन।
18 Dec 2021