← Swami Gyan Avinash
9:14
विरह बहुत पीड़ा देता है।
19 Mar 2022
10:14
अद्वैत क्या है ?
18 Mar 2022
8:35
विरह में अकेलापन क्यों लगता है, और पीड़ा इतनी ज्यादा क्यों लगता हैं
17 Mar 2022
9:33
गोविन्द चले आओ गोपाल चले आओ।
16 Mar 2022
4:12
स्वयंम को जाने बिना आत्म समर्पण हो नहीं सकता है।
15 Mar 2022
4:56
आखिर के 5 मिनिट मैं किस पर ध्यान दू, आज्ञा चक्र पर या सहस्रार पर।
14 Mar 2022
13:18
तुम जब पूरे होते हो तब मन नहीं रहता है।
08 Mar 2022
3:01
बाहर के जीवन में कभी कभी बहुत बैचेनी बड़ जाती हैं।
07 Mar 2022
3:35
इस जगत में स्वयम के अतिरक्त और कुछ पाया ही नहीं जा सकता है।
04 Mar 2022
13:25
रूस - यूक्रेन युद्ध कौन सही और कौन गलत। लोगो की क्या गलती?
02 Mar 2022
13:56
यह प्रेम की पीड़ा, तड़प रोना कहा जाकर रुकेंगा।
25 Feb 2022
8:25
ओशो के कुछ शब्दों से बहुत बैचनी हो जाती हैं।
25 Feb 2022
8:07
हमारा जीवन आदतों का जोड़ है।
23 Feb 2022
8:09
तुम जिसे प्रेम कह रहे हो वह तो एक लेन देन हैं , सौदा है। प्रेम नही।
23 Feb 2022
9:00
क्या मांसाहार से मेरे ध्यान की यात्रा में बाधा बनती हैं?
22 Feb 2022
16:07
यह केवल बात चीत नही है उससे भी गहरा मिलन है, सत्संग है।
21 Feb 2022
8:15
जो तेरी मर्जी , और क्रांति गट गई।
19 Feb 2022
12:46
साफ साफ दिखाई पड़ रहा है की विचारो में रस में ही ले रहा हूं।
15 Feb 2022
7:52
प्रेम करो, इतना गहरा प्रेम करो ताकि परमात्मा ही दिखाई पड़ जाए।
12 Feb 2022
4:30
तुम्हारा संकल्प अपने ही खिलाफ़ होता है इसलिए टूटता रहता है।
11 Feb 2022
8:20
यह विरह की पीड़ा हमे भी कैसे उपलब्ध हो जाए कोई उपाय बताएं।
10 Feb 2022
19:53
सुनने मात्र से ही उपलब्ध हो जाता है।
08 Feb 2022
1:07:11
LIVE TNC 05/02/2022 WITH SWAMI GYAN AVINASH
06 Feb 2022
25:09
SATSANG AT VIKROLI MUMBAI
04 Feb 2022
Question / Answer
Playlists
All videos 1,742
Question / Answer 939ALL LIVE SATSANG OF SW.GYAN AVINASH 451Celebration 194Sanyash 135Meditation 98Meditation live 29Adhyatma Saral Sabdon Main 22
9:14
विरह बहुत पीड़ा देता है।
19 Mar 2022
10:14
अद्वैत क्या है ?
18 Mar 2022
8:35
विरह में अकेलापन क्यों लगता है, और पीड़ा इतनी ज्यादा क्यों लगता हैं
17 Mar 2022
9:33
गोविन्द चले आओ गोपाल चले आओ।
16 Mar 2022
4:12
स्वयंम को जाने बिना आत्म समर्पण हो नहीं सकता है।
15 Mar 2022
4:56
आखिर के 5 मिनिट मैं किस पर ध्यान दू, आज्ञा चक्र पर या सहस्रार पर।
14 Mar 2022
13:18
तुम जब पूरे होते हो तब मन नहीं रहता है।
08 Mar 2022
3:01
बाहर के जीवन में कभी कभी बहुत बैचेनी बड़ जाती हैं।
07 Mar 2022
3:35
इस जगत में स्वयम के अतिरक्त और कुछ पाया ही नहीं जा सकता है।
04 Mar 2022
13:25
रूस - यूक्रेन युद्ध कौन सही और कौन गलत। लोगो की क्या गलती?
02 Mar 2022
13:56
यह प्रेम की पीड़ा, तड़प रोना कहा जाकर रुकेंगा।
25 Feb 2022
8:25
ओशो के कुछ शब्दों से बहुत बैचनी हो जाती हैं।
25 Feb 2022
8:07
हमारा जीवन आदतों का जोड़ है।
23 Feb 2022
8:09
तुम जिसे प्रेम कह रहे हो वह तो एक लेन देन हैं , सौदा है। प्रेम नही।
23 Feb 2022
9:00
क्या मांसाहार से मेरे ध्यान की यात्रा में बाधा बनती हैं?
22 Feb 2022
16:07
यह केवल बात चीत नही है उससे भी गहरा मिलन है, सत्संग है।
21 Feb 2022
8:15
जो तेरी मर्जी , और क्रांति गट गई।
19 Feb 2022
12:46
साफ साफ दिखाई पड़ रहा है की विचारो में रस में ही ले रहा हूं।
15 Feb 2022
7:52
प्रेम करो, इतना गहरा प्रेम करो ताकि परमात्मा ही दिखाई पड़ जाए।
12 Feb 2022
4:30
तुम्हारा संकल्प अपने ही खिलाफ़ होता है इसलिए टूटता रहता है।
11 Feb 2022
8:20
यह विरह की पीड़ा हमे भी कैसे उपलब्ध हो जाए कोई उपाय बताएं।
10 Feb 2022
19:53
सुनने मात्र से ही उपलब्ध हो जाता है।
08 Feb 2022
1:07:11
LIVE TNC 05/02/2022 WITH SWAMI GYAN AVINASH
06 Feb 2022
25:09
SATSANG AT VIKROLI MUMBAI
04 Feb 2022