← Swami Gyan Avinash
12:23
ओशो चाहे कृष्ण, बुद्ध, महावीर या नानक के सम्बंध में कहे , बात तो वह अपनी ही कर रहे हैं।
22 Apr 2022
14:45
विधि तुम्हारे हाथ में है मगर परिणाम ( ध्यान ) नही , वह तो होगा तो होगा।
20 Apr 2022
18:49
तुम्हारी जूठी औपचारिकता तुम्हें सहज नहीं होने देती है।
18 Apr 2022
3:25:16
DHYAN KYA HAI ? AUR USKI UPYOGITA KYA HAI?
17 Apr 2022
11:55
स्वयम के अतिरिक्त और कुछ नहीं बाटा जा सकता है।
15 Apr 2022
9:34
सिर्फ आकार को ही सब कुछ मान लेना बहोशी है। और उस निराकार का स्वाद होश की परिभाषा है।
14 Apr 2022
3:11
किसी भी साधक के लिए वहा की ऊर्जा का कितना महत्व होता है?
14 Apr 2022
4:22
समाधि तब फलित होती है जब ध्यान कही भी नही रह जाता है।
12 Apr 2022
8:57
गुरु के सानिध्य में तुम्हारा मन गुलाम और विवश हो जाता है।
11 Apr 2022
10:44
अनुभव की मांग ध्यान में सबसे बड़ी बाधा है।
08 Apr 2022
11:55
तुम जिस 'मैं' को जानते हो वह भ्रम मात्र है।
06 Apr 2022
13:55
साधना जगत में तुम्हारी मिटने की तैयारी सबसे मूल्यवान है।
04 Apr 2022
9:07
ध्यान करने के बाद मन पुलकित हो गया लेकिन फिर से वह नही आ रहा है, क्या करूं ?
02 Apr 2022
17:08
मन का काम तुम्हें उलझाए रखना है।
01 Apr 2022
30:15
Nischal Dhyan Yog
01 Apr 2022
7:53
मैं संकल्प पूरा नहीं कर पा रहा हूं, क्या करू ?
30 Mar 2022
6:11
ध्यान के साथ साथ एक उदासीनता भी छा रही हैं।
30 Mar 2022
7:22
सपनो से कुछ कुछ संकेत मिलते हैं।
28 Mar 2022
14:48
यहां सिर्फ प्रश्न और उत्तर नही है, बल्कि कुछ और भी परोसा जा रहा है
25 Mar 2022
11:13
गहरा स्वाद गहरी प्यास ले आता है।
23 Mar 2022
11:25
मेरा स्वास्थ कुछ ठीक नहीं है मगर चिकित्सक पर मुझे भरोसा नहीं है।
23 Mar 2022
8:35
जब मेरी नींद पूरी नहीं होती है तो ध्यान भी अस्त व्यस्त हो जाता है।
22 Mar 2022
7:26
ना बोलने को कुछ है और ना ही करने को कुछ है।
22 Mar 2022
16:10
परिधि, केंद्र और छलांग इसके संबंध में समझाए।
20 Mar 2022
Question / Answer
Playlists
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Question / Answer 939ALL LIVE SATSANG OF SW.GYAN AVINASH 451Celebration 194Sanyash 135Meditation 98Meditation live 29Adhyatma Saral Sabdon Main 22
12:23
ओशो चाहे कृष्ण, बुद्ध, महावीर या नानक के सम्बंध में कहे , बात तो वह अपनी ही कर रहे हैं।
22 Apr 2022
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विधि तुम्हारे हाथ में है मगर परिणाम ( ध्यान ) नही , वह तो होगा तो होगा।
20 Apr 2022
18:49
तुम्हारी जूठी औपचारिकता तुम्हें सहज नहीं होने देती है।
18 Apr 2022
3:25:16
DHYAN KYA HAI ? AUR USKI UPYOGITA KYA HAI?
17 Apr 2022
11:55
स्वयम के अतिरिक्त और कुछ नहीं बाटा जा सकता है।
15 Apr 2022
9:34
सिर्फ आकार को ही सब कुछ मान लेना बहोशी है। और उस निराकार का स्वाद होश की परिभाषा है।
14 Apr 2022
3:11
किसी भी साधक के लिए वहा की ऊर्जा का कितना महत्व होता है?
14 Apr 2022
4:22
समाधि तब फलित होती है जब ध्यान कही भी नही रह जाता है।
12 Apr 2022
8:57
गुरु के सानिध्य में तुम्हारा मन गुलाम और विवश हो जाता है।
11 Apr 2022
10:44
अनुभव की मांग ध्यान में सबसे बड़ी बाधा है।
08 Apr 2022
11:55
तुम जिस 'मैं' को जानते हो वह भ्रम मात्र है।
06 Apr 2022
13:55
साधना जगत में तुम्हारी मिटने की तैयारी सबसे मूल्यवान है।
04 Apr 2022
9:07
ध्यान करने के बाद मन पुलकित हो गया लेकिन फिर से वह नही आ रहा है, क्या करूं ?
02 Apr 2022
17:08
मन का काम तुम्हें उलझाए रखना है।
01 Apr 2022
30:15
Nischal Dhyan Yog
01 Apr 2022
7:53
मैं संकल्प पूरा नहीं कर पा रहा हूं, क्या करू ?
30 Mar 2022
6:11
ध्यान के साथ साथ एक उदासीनता भी छा रही हैं।
30 Mar 2022
7:22
सपनो से कुछ कुछ संकेत मिलते हैं।
28 Mar 2022
14:48
यहां सिर्फ प्रश्न और उत्तर नही है, बल्कि कुछ और भी परोसा जा रहा है
25 Mar 2022
11:13
गहरा स्वाद गहरी प्यास ले आता है।
23 Mar 2022
11:25
मेरा स्वास्थ कुछ ठीक नहीं है मगर चिकित्सक पर मुझे भरोसा नहीं है।
23 Mar 2022
8:35
जब मेरी नींद पूरी नहीं होती है तो ध्यान भी अस्त व्यस्त हो जाता है।
22 Mar 2022
7:26
ना बोलने को कुछ है और ना ही करने को कुछ है।
22 Mar 2022
16:10
परिधि, केंद्र और छलांग इसके संबंध में समझाए।
20 Mar 2022