Synopsis
"बेइरादा नजर उनसे टकरा गई" स्वामी ज्ञानभेद की आत्मकथा है, जो उनके जीवन के संघर्षों और आत्म-खोज की यात्रा को बखूबी दर्शाती है। नौकरी के तनाव के बावजूद, ओशो साहित्य के सानिध्य ने उनके मन में अध्यात्म और साहित्य के प्रति गहरी रुचि जगाई, जिससे उन्होंने अपनी अंतर्यात्रा के अनुभव साझा किए। इस पुस्तक में लेखक की साहसी पारदर्शिता और आत्म-साक्षात्कार की प्यास स्पष्ट रूप से झलकती है, जो पाठकों को उनके जीवन की ऊँचाइयों और नीचाइयों के साथ जोड़ती है।
Book Details
ISBN
979-8128809889
Language
Hindi
Published
2005
Publisher
Diamond Books
Pages
336